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हमास के लड़ाकों ने दो बुजुर्ग इजरायली बंधकों को रिहा किया,हमास ने हमारे साथ नरमी से व्यवहार किया और हमारी सभी जरूरतें पूरी कीं,हमास के लड़ाकों के साथ महिला ने मिलाया हाथ,

इजराइल-हमास के बीच जारी जंग का मंगलवार को 17वां दिन है। सोमवार की शाम हमास के लड़ाकों ने दो बुजुर्ग इजरायली बंधकों को रिहा किया।


उनमें से एक 85 साल की योचवेद लिफशिट्ज का पहला बयान सामने आया है। रॉयटर्स से बातचीत में योचवेद ने कैद के 2 हफ्ते कैसे बीते, इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हमास ने बंधक बनाने के बाद उन्हें फिलिस्तीन एन्क्लेव ले गए थे, जहां कैद के दौरान उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया।

डॉक्टर ने की मुलाकात, जरूरतों का रखा गया ध्यान

इजरायली महिल ने कहा कि 7 अक्टूबर को रातों-रात हमास के लड़ाकों ने हमला किया था। फिर उन्हें बंधक बनाने के बाद गाजा ले जाया गया। लेकिन बाद में फिलिस्तीन एन्क्लेव में दो सप्ताह रखा गया। उन्होंने बताया कि गाजा के अंदर मकड़ी के जाल जैसी सुरंगों में ले जाया गया था। जब वह गाजा के भीतर सुरंगों के नेटवर्क में कैद थीं तो एक डॉक्टर ने उससे मुलाकात की थी और उसकी सभी जरूरतों का ध्यान रखा गया था। लिफशिट्ज ने कहा कि हमास ने हमारे साथ नरमी से व्यवहार किया और हमारी सभी जरूरतें पूरी कीं।

किडनैपर्स से महिलाओं ने मिलाया हाथ

बता दें कि हमास ने नुरिट कूपर और योचवेद लिफशिट्ज को सोमवार की शाम रिहा किया। दोनों बुजुर्ग महिलाएं दक्षिणी इजराइल में 7 अक्टूबर को हुए हमले के दौरान बंधक बनाए गए 200 से अधिक लोगों में शामिल थीं। हमास ने बयान जारी कर कहा कि महिलाओं को मानवीय आधार और उनके खराब स्वास्थ्य के कारणों के चलते रिहा किया गया है।

हमास ने बुजुर्ग बंधकों को रेड क्रॉस की इंटरनेशनल कमेटी के प्रतिनिधियों को सौंपा। इस दौरान एक महिला ने हमास के लड़ाकों से हाथ मिलाया। अभिवादन में शलोम कहा। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि जब कोई बंधक किडनैपर्स का अभिवादन करता है।

अमेरिकी मां-बेटी के बाद दो इजरायली महिलाएं रिहा

इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बयान जारी किया है। बताया कि दो इजरायली महिलाओं को उनके पतियों के साथ गाजा सीमा के पास किबुत्ज नीर ओज से अपहरण कर लिया गया था, जो अभी भी हमास के पास थे। हमास ने शुक्रवार को एक अमेरिकी महिला और उसकी बेटी को रिहा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया। इन चारों को 7 अक्टूबर को सीमा पार हमले में अपहरण कर लिया गया था,

अब तक 6400 लोग मारे गए

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल-हमास युद्ध के चलते हवाई हमलों से गाजा में 5,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं, अब तक मरने वालों की कुल संख्या 6,400 हो गई है।,

 क्या है फिलिस्तीन और इजरायल की मांग

वर्तमान में फिलिस्तीन की मांग है कि इजरायल साल 1967 से पहले की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित हो जाए और वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना करे. फिलिस्तीन चाहता है कि साल 1948 में अपना घर खो चुके फिलिस्तीन के शरणार्थी वापस  आ सकें. इसके अलावा फिलिस्तीन पूर्वी येरुशलम को स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की राजधानी बनाना चाहता है. येरुशलम को इजरायल अपना अभिन्न अंग मानता है और इसलिए येरुशलम पर अपनी संप्रभुता चाहता है. इजरायल की मांग है कि पूरे विश्व इजरायल को एक यहूदी राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी जाए. 

गाजा पट्टी में कितने फिलिस्तीनी आबादी रह रहे हैं?

इज़राइल, मिस्र और भूमध्य सागर के बीच बसा एक छोटा सा क्षेत्र है जिसका नाम है गाजा पट्टी. इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र कहा जाता है. फिलिस्तीनी  संगठन हमास गाजा में सक्रिय है और यही से इजराइल युद्ध करता है. गाजा पट्टी लगभग दस किलोमीटर चौड़ा और 41 किलोमीटर लंबे क्षेत्र है.  

यहां 20 लाख से ज्यादा आबादी है और प्रति वर्ग किलोमीटर औसतन लगभग 5,500 लोग लोग रहते हैं. गाजा पट्टी में रहने वाले फ़िलिस्तीनी हैं. यहां रहने वाले लोगों में मूल निवासी और शरणार्थी दोनों ही शामिल हैं. साल 1948 में इजरायल की स्थापना होने के बाद वहां विस्थापित हुए फिलिस्तीनी यहां रहने आ गए थे. गाजा पट्टी में रहने वाले ज्यादातर लोग उत्तर में, विशेषकर गाजा शहर में रहते हैं. यहां की जनसंख्या बहुत युवा है, लगभग 40% जनसंख्या 15 वर्ष से कम आयु की है।

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