दो दिन शहर में रूककर तो देखो सारा जहर उतर जाएगा कौमी एकता की मिसाल सलीम बने हनुुुमांन जी
दो दिन शहर में रूककर तो देखो सारा जहर उतर जाएगा कौमी एकता की मिसाल सलीम बने हनुुुमांन जी
आईरा समाचार बीकानेर। बीकानेर के दिवंगत शायर अजीज आजाद ने कहा था दो दिन मेरे शहर में रुककर तो देख सारा जहर उतर जाएगा ,देश में अभी चल रहे हिंदू मुस्लिम विवादों के हालातों पर एक बार फिर उनका यह कथन मंगलवार को दशहरा झांकी के निकलते समय जीवंत हो गया जब कोटगेट के पास सैय्यद हाजी पीर बलवान शाह की दरगाह पर यहां के खादिम मोहम्मद छोटू शाह ने दशहरा कमेटी की झांकी में बने हनुमानजी का स्वागत फूल मालाओ से किया। इस अवसर पर दशहरा कमेटी के मेम्बर व वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल पाहूजा, भाजपा नेता जयनारायण मारू, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश सिंह भदौरिया, गिरधर जोशी, पत्रकार सैय्यद, पत्रकार अजय त्यागी, पत्रकार भवानी आचार्य, पत्रकार के. कुमार आहूजा व झांकी में बने अन्य पात्रों का भी दरगाह खादिम द्वारा स्वागत किया। वहीं दशहरा कमेटी के मेम्बर अनिल पाहूजा ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बीकानेर में आज कौमी एकता का दशहरा के पर्व पर बीकानेर में यह ज्वलंत उदाहरण है ,यहां सभी जातियों के लोग एक दूसरे से मिलकर और एक-दूसरे के त्योहार में शामिल होकर खुशियों से मनाते आए हैं। जिसका आज दशहरा पर्व पर यह देश के लिए ज्वलंत उदाहरण है। जो कि पिछले कई वर्षों से हनुमान जी का पात्र दशहरा की झांकी में निभा रहे वो सलीम भाटी है।

