नो एंट्री में घुसे ट्रक ने बुजुर्ग को कुचला, मौके पर मौत; आक्रोशित लोगों ने किया रास्ता जाम
नो एंट्री में घुसे ट्रक ने बुजुर्ग को कुचला, मौके पर मौत; आक्रोशित लोगों ने किया रास्ता जाम
बीकानेर पत्रकार इकबाल खान शहर के नयाशहर थाना क्षेत्र में चूंगी नाके के पास नो एंट्री में घुसे एक ट्रक की चपेट में आने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने रास्ता जाम कर विरोध जताया।जानकारी के अनुसार इंद्रा कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय अब्दुल रहमान बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान नो एंट्री में प्रवेश कर रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक अब्दुल रहमान को बाइक सहित अपने अगले हिस्से में कई दूरी तक घसीटता ले गया। गंभीर हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद स्थानीय लोगों और मोहल्लेवासियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने रास्ता जाम कर अपना रोष जताया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि इस क्षेत्र में दोपहर के समय बड़े मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ट्रक नो एंट्री में प्रवेश कर जाते हैं। लोगों का आरोप था कि बार बार हादसे होने के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।मौके पर भीड़ जमा होने की सूचना पर नयाशहर थाना प्रभारी सुरजीत कुमार, मुक्ता प्रसाद थाना प्रभारी विश्वजीत सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी सविता ढाल सहित पुलिसकर्मी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में सीओ सिटी अनुज डाल मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर जाम खुलवाया।
हादसे की सूचना मिलने पर भाजपा नेता भगवान सिंह मेड़तिया, कांग्रेस नेता आजम अली सहित क्षेत्र के कई जागरूक नागरिक भी मौके पर पहुंचे। खादिम खिदमगार सोसायटी और असहाय सेवा संस्थान के शोएब भाई व राजकुमार खड़गावत के सहयोग से शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया।
सुबह 9 से रात 9 बजे तक नो एंट्री, फिर भी मालवाहक वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार चूंगी नाके और आसपास का क्षेत्र सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक नो एंट्री जोन है, जहां मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आए दिन बड़े वाहन नो एंट्री में दिखाई देते हैं।लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद नो एंट्री व्यवस्था को लेकर प्रभावी निगरानी नहीं होने से समस्या बनी हुई है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यातायात व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की कथित मिलीभगत या लापरवाही के कारण मालवाहक वाहन आसानी से नो एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से नो एंट्री व्यवस्था की सख्ती से पालना करवाने और हादसों पर अंकुश लगाने की मांग की है।

