कांग्रेस में बगावत की आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है,कांग्रेस के दो और मुस्लिम नेताओं ने आज दिया पार्टी से इस्तीफा,
गुलाम मुस्तफा बोले-कांग्रेस को अब हमारे जैसे लोगों की जरूरत नहीं
आईरा समाचार बीकानेर बीकानेर। कांग्रेस में बगावत की आंधी थमने का नाम नहीं ले रही है। बीकानेर पश्चिम में राजकुमार किराडू सबसे पहले पदों से इस्तीफा देकर विरोध में उतर आए हैं वहीं लूणकरणसर में वीरेन्द्र बेनीवाल के समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इन सबके बीच बीकानेर शहर से कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेता गुलाम मुस्तफा ‘बाबू भाई’ ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
लिखा है-विगत 35 वर्षो से निस्वार्थ भाव से पार्टी की विचाराधरा को आगे बढ़ाने का काम करने के बावजूद वर्तमान परिस्थितियों संगठन की मजबूती के लिए काम करने मे स्वयं को असहज महसूस कर रहा हूं। आज इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहा हूं।
पत्रकारों से बातचीत में मुस्तफा ने काफी दर्द भरे लहजे में कहा, हालात देखकर लगता है कि अब वो कांग्रेस नहीं रही जिसके लिए हमने खून-पसीना बहाया था। कांग्रेस में अब हमारे जैसे लोगों के लिए जगह नहीं है। बहुत दुखी हो कर इस्तीफा दे रहा हूं। क्या करूंगा तय नहीं लेकिन अभी दिल्ली से लौट रहा हूं। यहां आकर सभी से मिलूंगा।
*रंधावा के सामने तल्ख हुए थे मुस्तफा, कहा-35 साल से एक ही चेहरे*
दरअसल गुलाम मुस्तफा इस बार शुरूआत से ही काफी तल्ख अंदाज में दिखे। उन्होंने 16 जुलाई को जब प्रभारी सुखजिंदरसिंह रंधावा को अपना बायोडाटा दिया तो रंधावा ने कहा-इस बार हम फाइल देखकर नहीं सर्वे में जीत की संभावना पर टिकट देंगे।
कांग्रेस नेता अनवर अजमेरी ने भी दिया इस्तीफा
मैं अनवर अजमेरी कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देता हूं और इन पांच सालों में मेरी और मेरे समाज की उपेक्षा हुई है। उसको मध्य नजर रखते हुए मैं अपना इस्तीफा अपने होसो हवास में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देता हूं बाकी का निर्णयमेरे समाज द्वारा लिया जाएगा अनवर अजमेरी पूर्व शहर कांग्रेस कमेटी सचिव

