शिक्षा और बुद्धि के दम पर ब्राह्मण समाज ने हर क्षेत्र में अपना इकबाल बुलंद किया है
शिक्षा और बुद्धि के दम पर ब्राह्मण समाज ने हर क्षेत्र में अपना इकबाल बुलंद किया है
पत्रकार इकबाल खान,बीकानेर मैं पिछले कई वर्षों से अलग अलग समाजों और उनकी जीवनशैली को बहुत गौर से देख रहा हूं। गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों का रहन सहन, उनके बच्चों की आदतें, सोच और भविष्य को लेकर उनका नजरिया समझने की कोशिश करता हूं। इसी अनुभव के आधार पर अगर मैं ब्राह्मण समाज की बात करूं, तो मेरी नजर में यह समाज शिक्षा, शालीनता और भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा गंभीर दिखाई देता है।मेरे गांव बरजांगसर में कायमखानी और ब्राह्मण समाज लगभग बराबर संख्या में हैं। बचपन से लेकर आज तक मैंने इन समाजों के लोगों को करीब से देखा है। खासकर ब्राह्मण समाज के बच्चों को। मैंने शायद ही कभी इनके लड़कों को गलियों में बेवजह घूमते, आवारागर्दी करते या दिखावे में समय खराब करते देखा हो।आजकल गांवों और कस्बों में कई जगह युवा टोली बनाकर बोलेरो, पिकअप या बुलेट मोटरसाइकिलों पर घूमते दिखाई देते हैं। लेकिन मैंने बहुत कम देखा कि ब्राह्मण समाज के बच्चे इस तरह की दिखावे वाली जिंदगी में ज्यादा समय बर्बाद करें। ये बच्चे ज्यादातर स्कूल, कोचिंग, पढ़ाई, नौकरी की तैयारी या अपने काम में लगे दिखाई देते हैं। मेरी नजर में इस समाज की सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग और सोच है। ये समाज ताकत से ज्यादा,शिक्षा ओर बुद्धि पर भरोसा करते हैं। शायद यही वजह है कि ब्राह्मण समाज के लोग आज देश के लगभग हर विभाग में दिखाई देते हैं। प्रशासन, शिक्षा, राजनीति, पत्रकारिता, विज्ञान, सेना, व्यापार, धार्मिक क्षेत्र या सरकारी विभाग ऐसा शायद ही कोई विभाग या क्षेत्र हो जहां इस समाज की मौजूदगी न हो।सिर्फ लड़के ही नहीं, बल्कि इस समाज की लड़कियां भी आज बड़े-बड़े प्रशासनिक पदों, शिक्षा, मीडिया, न्यायपालिका, बैंकिंग, कॉर्पोरेट और सरकारी सेवाओं में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवा चुकी हैं। मैंने खुद देखा है कि इस समाज में बेटियों की पढ़ाई को भी काफी महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि आज कई महिला अधिकारी, प्रोफेसर, डॉक्टर, वकील, पत्रकार और एंकर इसी समाज से आती दिखाई देती हैं।टीवी पत्रकारिता और न्यूज़ एंकरिंग की दुनिया में भी बड़ी संख्या में पढ़ी लिखी और प्रभावशाली महिलाएं दिखाई देती हैं, जिनमें ब्राह्मण समाज की भागीदारी काफी नजर आती है। इसका सबसे बड़ा कारण शायद यही है कि इस समाज में शिक्षा, भाषा, आत्मविश्वास और बौद्धिक विकास पर शुरू से जोर दिया जाता है।मैंने यह भी महसूस किया कि इस समाज में बच्चों को छोटी उम्र से ही पढ़ाई और भविष्य की चिंता सिखाई जाती है। परिवार बच्चों को समझाता है कि समय की कीमत क्या होती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी, व्यापार और दूसरे पेशों में आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।मेरे अनुभव में ब्राह्मण समाज को लोग केवल एक जाति के रूप में नहीं, बल्कि पढ़े लिखे, शांत स्वभाव और शालीन व्यवहार वाले समाज के रूप में भी देखते हैं। हर समाज में अच्छे बुरे लोग होते हैं, लेकिन कुल मिलाकर मैंने इस समाज के लोगों को शिक्षा और समझदारी की ओर ज्यादा झुकाव रखते देखा है।मेरा मानना है कि किसी भी समाज की असली ताकत केवल पैसा या भीड़ नहीं होती, बल्कि उसकी सोच, शिक्षा और अनुशासन होता है। और मेरी नजर में ब्राह्मण समाज ने इन्हीं चीजों के दम पर भारत के लगभग हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई है।✍️इकबाल खान

