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लंपी रोग निदान व गो सेवा में लगी विभिन्न संस्थाओं व व्यक्ति समूह की समन्वय बैठक हुई संपन्न

आईरा वार्ता अख्तर भाई समाचार बीकानेर

सरजूूदास महाराज ने गोमाता की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

बीकानेर ‌। मुरली मनोहर धोरा पर महंत विमर्शा नंद जी महाराज, महामंडलेश्वर सरजू दास जी महाराज, श्री किशन जी महाराज, श्री श्याम सुंदर जी महाराज आदि संतो के सानिध्य में  शुक्रवार को बैठक हुई।
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने निम्न प्रकार की समस्याएं बताई।
1 इलाज के लिए पर्याप्त साधन सुविधाएं व उचित दवाएं नहीं है।
2 इलाज बाद या अति गंभीर गोवंश को लेने वाली कोई गौशाला नहीं है।
3 समन्वय के अभाव में गोवंश को अधिक बार दवा देने का भी बड़ा नुकसान हुआ है।
4 जन सहयोग का अभाव रहता है।
5 बिना पूरी जानकारी के इलाज देने से भी बड़ा नुकसान हुआ है।
6 मरने के कारणों की जांच ठीक प्रकार से नहीं हुई है।
7 घाव नहीं भरने की समस्या है।
8 ग्यभीन गायों के बच्चे मरने अथवा गाय के मरने की बड़ी संख्या है।
9 गोवंश इलाज दौरान अंधा हो रहा है।
10 गो पालक अपनी गाय छोड़ रहे हैं।
11 गावों में जागृति का अभाव है।
12 सोशल मीडिया पर अनेक प्रकार की मिथ्या भ्रम की बातें चल रही है।
13 मरी हुई गायों का निस्तारण ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है।
14 राजनीतिक दल,जन प्रतिनिधियों,प्रशासन का नगण्य सहयोग है।
15 गोचर में छोटे व कमजोर गोवंश को कुते मार रहे हैं।
[9/9, 6:48 PM] अख्तर भाई: उपरोक्त समस्याओं में अनेक का समाधान परस्पर सहयोग से करने पर सहमति बनी।
पूज्य स्वामी विमर्शा नंद जी ने कार्यकर्ताओं को सेवा दौरान किस प्रकार की दृष्टि चाहिए पर विस्तार से प्रबोधन किया।
महाराज जी ने ’गाय जननी गीता गंगा धरती के प्रति मातृत्व भाव मजबूत करने,ईश्वरीय सत्ता द्वारा हमारे माध्यम से सेवा करवाने’ , अहम भाव को न पनपने देने जैसी सीख दी।
जन जागरण द्वारा सरकार प्रशासन को भी बाध्य किया जाना चाहिए ।शांत भाव से आनंद पूर्वक सेवा करनी है। जोश होश के साथ रोष भी प्रकट होना चाहिए।
कमजोर गोवंश की इस बीमारी में ज्यादा मृत्यु हुई है प्रश्न यह भी उठना चाहिए कि गोवंश को कमजोर बनाया किसने ? सबके साथ मिलकर एक दूसरे के पूरक बनकर सहयोग समन्वय से कार्य करना आज की आवश्यकता है। पूर्व में अनेक संकटों का हमारी सनातन संस्कृति ने मुकाबला कर विजय पाई है। ’इसमें हमें सनातन संस्कृति के बीज को नष्ट नहीं होने देना है’ ।
पूज्य सरजू दास जी महाराज ने गाय का महत्व युवा वर्ग को जोड़ने संत महात्मा पुजारी आदि को इस संकट काल में समाज जागरण में लगने का आह्वान किया।

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