मखमली आवाज़ को नमन बीकानेर में 9 मई को सजेगी ‘शाम ए-ग़ज़ल’
मरहूम तलत महमूद की याद में सजेगी ‘शाम ए ग़ज़ल
बीकानेर संगीत की दुनिया में जब भी मखमली आवाज़ और तहज़ीब की बात होती है, तो का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। इसी महान फनकार की पुण्यतिथि के अवसर पर आगामी 9 मई 2026 को पार्थ दिवाकर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा एक विशेष संगीत संध्या शाम-ए-ग़ज़ल’ का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम आयोजक दिनेश दिवाकर ने बताया कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस महान आवाज़ को भावभीनी श्रद्धांजलि है, जिसने तस्वीर बनाता हूँ तस्वीर नहीं बनती और शाम-ए-ग़म की कसम जैसे अमर नग्मों से संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को शास्त्रीय सुगम संगीत और ग़ज़ल की बारीकियों से जोड़ना है।
इस आयोजन की खासियत इसका खुला मंच होगा, जहां कलाकार तलत महमूद की कालजयी ग़ज़लों के साथ-साथ अन्य रूहानी और उम्दा ग़ज़लें भी पेश कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार, ग़ज़ल की असली रूह उसके अल्फ़ाज़ और अदायगी में होती है, इसलिए इस मंच पर उन्हीं प्रस्तुतियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो इस विधा की गरिमा को बनाए रखें।बीकानेर के संगीत प्रेमियों के लिए यह संध्या एक यादगार और सुरमई अनुभव साबित होने की उम्मीद है।

