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बीकानेर में अवैध कॉम्प्लेक्स का साम्राज्य प्रशासन की चुप्पी और जनता की चिंता

मोहम्मद रफीक पठान, एडवोकेट एवं पत्रकार, बीकानेर

आईरा समाचार बीकानेर। शहर की धड़कनों में बसा बाजार आज खतरे की जद में है। अवैध मॉल, मार्केट और विवाह भवन बिना किसी स्वीकृति के चल रहे हैं, लेकिन नगर निगम की चुप्पी सब पर भारी है। नियमों की अनदेखी कर खड़े किए गए ये कॉम्प्लेक्स न केवल आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि नगर निगम के रिकॉर्ड में भी इनके अस्तित्व का कोई वैध दस्तावेज नहीं है।

हाल ही में आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता मोहम्मद रफीक पठान द्वारा दायर की गई जानकारी में खुद नगर निगम ने स्वीकार किया कि शिव प्लाज़ा और शिव मार्केट जैसे बड़े कॉम्प्लेक्स पूरी तरह अवैध हैं। इनके पास न फायर सेफ्टी है, न पार्किंग की व्यवस्था, न ही बिजली-पानी और पॉल्यूशन कंट्रोल की कोई मंजूरी। इसके बावजूद यह कारोबार के बड़े अड्डे बने हुए हैं।

सुविधाओं के नाम पर धोखा

शहर के बीच जूनागढ़ के पीछे बना शिव प्लाजा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जहां पार्किंग के लिए बने बेसमेंट को दुकानों में बदलकर किराए पर चढ़ा दिया गया है। सड़क और फुटपाथ तक कब्जे में लेकर अवैध पार्किंग बना दी गई है। हाल ही में यहां रेलिंग के अभाव में एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि पहले भी चौकीदार की मौत गिरने से हो चुकी है।
यहां वॉशरूम तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है।

दूसरी ओर तोलियासर भैरुजी गली में स्थित शिव मार्केट की हालत और भी भयावह है। तीन मंजिला इस कॉम्प्लेक्स में 120 से अधिक दुकानें हैं, लेकिन प्रवेश के लिए सिर्फ एक ही दरवाज़ा है। आगजनी या किसी आपदा की स्थिति में यहां बड़ा हादसा होना तय है। ऊपर से छत पर अवैध मोबाइल टॉवर और अंदर तंग गलियां जोखिम को और बढ़ा देती हैं।

कानून की खुली धज्जियां

इन मार्केट्स में बिजली चोरी, सब-मीटर लगाकर महंगे दामों पर बिजली बेचना आम बात है। दुकानदारों से 25 से 30 रुपये प्रति यूनिट तक वसूला जा रहा है। यह खुला अपराध है, लेकिन निगम आंख मूंदे बैठा है।नगर निगम ने खुद माना है कि बीकानेर में करीब 75 विवाह भवन और कॉम्प्लेक्स बिना पंजीकरण के चल रहे हैं, मगर कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती।

भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी

सूचना आयोग ने जब नगर निगम से रिकॉर्ड मांगा तो निगम ने सफाई दी कि “पुरानी पत्रावलियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।” यह न केवल लापरवाही बल्कि भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर करता है। आयोग ने निगम आयुक्त को 30 दिनों में जांच पूरी करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

जनता के लिए बड़ा खतरा

शहरवासी सवाल पूछ रहे हैं। अगर शिव प्लाजा और शिव मार्केट पूरी तरह अवैध हैं तो इन्हें गिराने की कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या आर्थिक दबाव और बड़े नामों का प्रभाव प्रशासन को बंधक बना चुका है?गौरतलब है कि कुछ समय पहले मदन मार्केट में हुए गैस सिलेंडर विस्फोट में 11 लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने सबक नहीं लिया।मोबाइल टावरों के रेडिएशन से पास के स्कूल के बच्चों और दुकानदारों का स्वास्थ्य खतरे में है। वहीं, अवैध ट्रांसफार्मरों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

नागरिकों की पुकार

बीकानेर की जनता आज इस उम्मीद में है कि प्रशासन जागे और अवैध कॉम्प्लेक्स के खिलाफ सख्त कदम उठाए। वरना आने वाले दिनों में शहर को किसी बड़े हादसे का सामना करना पड़ सकता है।मोहम्मद रफीक पठान, बीकानेर

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