चाइनीज मांझे पर सख्त संदेश: बीकानेर में पतंगबाजों ने लिया बहिष्कार का संकल्प
चाइनीज मांझे के बहिष्कार की शपथ, पतंगबाजों और विक्रेताओं ने लिया संकल्प
बीकानेर पत्रकार इकबाल खान
बीकानेर। आने वाले पर्व अक्षय तृतीया एवं बीकानेर स्थापना दिवस पर शहर में होने वाली पतंगबाजी को लेकर बीकानेर शहर के हृदय स्थल कोटगेट के अंदर बुधवार शाम को चाइनीज मांझे के बहिष्कार के लिए सर्व समाज मित्र एकता सेवा समिति द्वारा शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संरक्षक सुनील दत्त नागल एवं कोटगेट व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय कोचर के नेतृत्व में काईट एसोसिएशन के पदाधिकारी, पतंग विक्रेता और पतंगबाज शामिल हुए।समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एनडी कादरी ने जानकारी देते हुए बताया कि काईट एसोसिएशन अध्यक्ष मोहम्मद असलम कयामखानी ने शपथ लेते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचने या उपयोग करने की सूचना देगा, उसे 5100 रुपए नकद देकर सम्मानित किया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील बांठिया, दिलीप गुप्ता, पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा, रामकिशन महाराज (कोलासर), सैय्यद अख्तर, मेहबूब अली रंगरेज, जयनारायण मारू, शाकिर हुसैन, संत संतोषानंद, टीम नेशन फर्स्ट फाउंडेशन के संस्थापक पंकज कंसल, भवानी आचार्य और शिवलाल तेजी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम में काईट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र खत्री, शब्बीर अली, मोहम्मद अली, लियाकत अली कुरेशी, मोहम्मद फिरोज सहित अन्य पतंग विक्रेता भी मौजूद रहे।गौरतलब है कि पशु-पक्षियों के संरक्षण और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस मौके पर पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा ने कहा कि चाइनीज मांझा न केवल पक्षियों बल्कि इंसानों के लिए भी अत्यंत खतरनाक है। वहीं संत संतोषानंद ने लोगों से इस विषय में जागरूक होने की अपील की।वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील बांठिया ने बताया कि संस्था द्वारा शहर में स्कूली बच्चों, नागरिकों और दुकानदारों को लगातार चाइनीज मांझे का उपयोग न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि यह पक्षियों, जानवरों और इंसानों के लिए गंभीर खतरा है।

