पूर्णाहुति व प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद् भागवत गीता कथा का समापन
आईरा समाचार बीकानेर। बीकानेर में जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित शिव मंदिर परिसर में पिछले 8 दिन से चल रही भागवत कथा का मंगलवार को हवन पूर्णाहुति व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न की गई।
समापन कार्यक्रम में कथावाचक आचार्य राजेंद्र जोशी ने कथा सुनने वाले सभी भक्तजनों को आशीर्वाद वचन कहे लगातार कलश यात्रा से लेकर पूर्णाहुति तक कथा को सुनने वाली मीरा शाखा की अध्यक्ष रितु मित्तल का विशेष आभार और आशीर्वाद दिया
मंगलवार को पूर्णाआहुति के समय महिला पुरुष- बहुत अधिक संख्या में उपस्थित रहे, कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती शशि चुग,डॉ रेणु अग्रवाल, डॉ इंशिता मित्तल व अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आचार्य राजेंद्र जोशी ने कहा श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य की चेतना को जागृत करने वाली कथा है। इस कथा का आयोजन करने वाली प्रमुख संस्था मानव चेतना जागृति प्रन्यास ,मीरा शाखा भारत विकास परिषद तथा जयनारायण व्यास कॉलोनी स्थित मनमोहन व्यास, अमित व्यास ,लीलाधर खत्री, ओम कपूर ,विजय कपूर, जुगल श्रीमाली एवं अरविन्द शर्मा आदि भक्तगण शामिल रहे। ।मीरा शाखा की अध्यक्षा रितु मित्तल ने श्रीमद् भागवत कथा की इस प्रवाहित गंगा को निरंतरता देने का आवाहन किया और स्वयं के संकल्प को मेरी अभिव्यक्ति श्री कृष्ण अभियान के माध्यम से अभिव्यक्त किया इस अवसर पर लालेश्वर मंदिर के महंत श्री विमर्शानंद गिरि जी ने अपने आशीर्वचनो के द्वारा सबको स्पंदित किया व व्यास कॉलोनी शिव मंदिर की ओर से नलिन सारवाल ने यह बताया कि मंदिर सदैव उन लोगों के लिए आभारी है जो समाज का कार्य कर रहे हैं, गौरीशंकर मोदी ने इस कथा को भावतारिणी कहा एवं लोटस समूह के संस्थापक अशोक मोदी आज भागवत कथा में पधार कर अपने अनुभव से बताया कि श्रीमद् भागवत कथा में बैठना श्री कृष्ण का सानिध्य है ।
हमें प्रकृति से सब कुछ मिला है इसलिए हमें सब कुछ प्रकृति को लौटाने में संकोच नहीं करना चाहिए। इसी में हमारा विकास होगा भागवत कथा में डा. दीप्ती वाहल, डॉ पुलक अग्रवाल , श्रीमती प्रभा किराडू, वंदना सारवाल,नवरत्न जोशी, संजय जोशी, दामोदर तंवर, गौतम किराडू तेजस जोशी, कृष्ण जोशी ने श्री कृष्ण लीलाओं के भजन प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर ओम कपूर ने बताया में आचार्य राजेंद्र जोशी को पिछले 25 वर्षों से भागवत के माध्यम से जानता हूं यह निशुल्क कथा तो करते ही हैं इनकी कथाओं में केवल सूचना नहीं होती जीवन के अनुभव भी होते हैं सप्तम दिवस की कथा में मीरा शाखा कि साथ साथ अंटे संयोजक को भी सम्मानित किया गया।

