सेवारत शिक्षकों को टेट से मुक्त रखो, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू हो
आईरा समाचार बीकानेर। राजस्थान शिक्षक संघ (शे) STFI बीकानेर का दो दिवसीय 64वां जिला शैक्षिक सम्मेलन राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुरू हुआ। सम्मेलन के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटी ने उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य वक्ता प्रदेश सभाध्यक्ष महावीर सिंह सिहाग ने सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने तथा निजीकरण से भविष्य में शिक्षा क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों पर विचार रखे। उन्होंने सेवारत शिक्षकों को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त रखने की मांग भी रखी।मुख्य अतिथि डॉ. रामगोपाल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर ने कम्प्यूटर एवं सूचना क्रांति के शिक्षा क्षेत्र में महत्व पर विचार साझा किए। विशिष्ट अतिथि महासंघ जिलाध्यक्ष पृथ्वीराज लेघा ने शिक्षा में नवाचारों के संदर्भ में जानकारी दी।प्रदेश मंत्री संजय पुरोहित ने विद्यार्थियों के अध्ययन में डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास को सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करने तथा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच शैक्षिक सामंजस्य के माध्यम से समाज के वैचारिक उत्थान पर अपने विचार रखे।संगठन के संरक्षक रेवंतराम गोदारा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य खुमाणाराम सारण, पूनमचंद शर्मा, महिला मंत्री नाजरा परवीन, कैलाश वैष्णव, संजीव यादव, अनीता चौधरी, हिमांशु दाधीच सहित अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। सम्मेलन में स्थानांतरण, पदोन्नति, पुरानी पेंशन, सेवारत शिक्षकों को टेट से मुक्त रखने, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, वेतन विसंगति, पे प्रोटेक्शन और गैर वाजिब वसूली सहित विभिन्न शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दे केंद्र में रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री अरुण गोदारा ने किया। संगठन के मीडिया प्रभारी ने बताया कि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पूरे बीकानेर जिले से सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया।

