शांतिप्रिय कहे जाने वाला बीकानेर अब बालिकाओं के लिये असुरक्षित महसूस होने लगा है। वजह ये कि जिले में बालिकाओं पर अपराधियों का शिकंजा बढ़ता जा रहा है ।
बालिकाओं के लिये असुरक्षित बीकानेर,पोक्सों के मामलों का ग्राफ बढ़ा
आईरा समाचार बीकानेर। शांतिप्रिय कहे जाने वाला बीकानेर अब बालिकाओं के लिये असुरक्षित महसूस होने लगा है। वजह ये कि जिले में बालिकाओं पर अपराधियों का शिकंजा बढ़ता जा रहा है । पिछले छह महिनों के आंकड़ो पर ही नजर डाली जाये तो जिले में बालिकाओं से यौनाचार की आधा दर्जन से ज्यादा संगीन वारदातें सामने आ चुकी है। इनमें बालिकाओं से छेड़छाड़ ही नहीं गैंगरेप तक के मामले आए सामने आये है। जानकारी के अनुसार पोक्सों के मामलों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर,अलवर के साथ बीकानेर भी टॉपटेन जिलों में शामिल है। जिले में बालिकाओं से यौनाचार के कई मामले में तो ऐसे सामने आये है कि जिनके बारे में सुनकर दिल दहल जाये। हालांकि पुलिस इन मामलों में ज्यादात्तर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है,लेकिन आये दिन हो रही इन घटनाओं के कारण बीकानेर का दामन दागदार हो रहा है। अभी हाल ही में देशनोक थाना इलाके के गांव बरसिंहसर में बोलेरों में सवार होकर आये तीन युवक स्कूल से घर जा रही चौदह साल की बालिका सरेराह दबोच ले गये और उसके साथ गैंगरेप कर बदहवास हालत में सुनसान जगह पर छोड़ गये। इससे पहले जिले के खाजूवाला थाना इलाके में एक तांत्रिक द्वारा बालिका के साथ यौनाचार की शर्मनाक घटना सामने आई थी। बताया जाता है कि तांत्रिक महेन्द्र नाथ ने बालिका पर भूत का साया बताकर तंत्र क्रियाओं के नाम पर उसे कमरे में बंद कर यौनाचार का शिकार बना लिया। पिछले माह लूणकरणसर इलाके की एक बालिका को गर्भवति हालत में पीबीएम होस्पीटल की जनाना होस्पीटल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि बालिका के साथ तीन माह पहले किसी अज्ञात जने ने दुष्कर्म किया था,जिससे पीडि़ता गर्भवति हो गई तब कहीं जाकर परिजनों को उसके साथ हुई घटना का पता चला। इसी तरह बंगलानगर में छात्रा के जबरदस्त करते हुए उसके साथ बलात्कार किया, परिवादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने श्याम सुंदर विश्नोई आयु 22 साल को बंगला नगर से गिरफ्तार किया।
इसी तरह व्यास कॉलोनी थाना इलाके में प्राइवेट स्कूल बस का कंडक्टर साढ़े 3 साल की मासूम से अश्लीलता करता रहा। कंडक्टर ने बच्ची को धमकाया भी। कहा कि किसी को बताया तो तुम्हारे पापा-मम्मी को भूत खा जाएगा। इस वजह से बच्ची उसकी हैवानियत सहती रही। उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द हुआ तो हिम्मत दिखाई। अपनी मां को कंडक्टर की पूरी करतूत बताई। तब कहीं जाकर पुलिस केस दर्ज हुआ। पुलिस का रिकॉर्ड खंगाला जाये तो बीकानेर में पिछले छह-सात माह से बालिकाओं के साथ यौनाचार की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि कई वारदातों में लोकलाज के चलते पीडि़त बालिकाओं के परिजन पुलिस केस ही दर्ज नहीं करवाते।
इनका कहना है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम का कहना है कि जिले में बालिकाओं से यौनाचार के मामलों की रोकथाम के लिये हर संभव प्रयास किये जा रहे है। पुलिस ऐसे में मामलों में तत्परता का कार्यवाही कर मुलजिमों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हे सलाखों के पीछे पहुंचा रही है।

