मुहर्रम की आठवीं रात कुचीलपुरा में सजा अखाड़े का भव्य दंगल
मुहर्रम के चांद माह की आठवीं तारीख की रात मोहल्ला कुचीलपुरान अखाड़ा कमेटी की ओर से ताजिया चौक स्थित कर्बला वाले शहीद हज़रत इमाम अलैहिस्सलाम की याद में सालाना अखाड़े का दंगल आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न अखाड़ों के खलीफा, उस्ताद, शागिर्द और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया।कुचीलपुरा अखाड़े के अहमद अली ने बताया कि मोहर्रम अखाड़ा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस दंगल में शहर के लाइसेंसशुदा 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अखाड़े में तलवार, बनेठी, लकड़ी, ढाल, रस्सी तथा अन्य पारंपरिक खेलों और करतबों का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह अखाड़ा कुचीलपुरा के उस्ताद मरहूम गफ्फार साहब की याद में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सदारत मौलवी हाजी रेहमत अली ने की। इस अवसर पर खलीफा आशिक हुसैन सर्वा, खलीफा अहमद अली गोरी, खलीफा आमीन बैंस, खलीफा हसन अली, खलीफा अनवर अली सर्वा, शागिर्द सलीम खान गौरान और अहमद अली भाटी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।अन्य अखाड़ों के उस्तादों में मुजफ्फर अली अंसारी, बुंदू खां, राजू जी, यासिन अली छींपा, चांद मोहम्मद पींजारा, इस्माइल छींपा, सैय्यद अब्दुल माजीद, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद हुसैन, हैदर अली, नजीमुद्दीन, आता हुसैन कादरी, अफरीदी पठान तथा शाकिर हुसैन ने भी भाग लिया।कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. शब्बीर पंवार एवं मोहम्मद आरिफ अंसारी ने किया। अखाड़े के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में अखाड़ा कमेटी द्वारा सभी खलीफाओं, उस्तादों, शागिर्दों एवं अतिथियों का माला पहनाकर सम्मान किया गया। साथ ही कर्बला के प्रतीक चिन्ह से बने स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका हौसला अफजाई किया गया। आयोजन सौहार्द, अनुशासन और पारंपरिक खेल कला के शानदार प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ।

