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तीर्थ यात्रा पर चलना है क्या चलते हो तो संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हो।11वी तवांग तीर्थ-यात्रा” (नवंबर 18 से 24, 2022

आईरा वार्ता संपादक इक़बाल कायमखानी,

तीर्थ यात्रा पर चलना है क्या चलते हो तो संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हो।11वी तवांग तीर्थ-यात्रा”
(नवंबर 18 से 24, 2022)

*“तवांग तीर्थ यात्रा समिति”* द्वारा आयोजित “तवांग तीर्थ यात्रा” गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी *19 नवंबर* की प्रातः गुवाहाटी से प्रारंभ होकर *24 नवंबर* के सायंकाल तक वापस गुवाहाटी पहुंच कर यात्रा का समापन होगा।
*??पंजीकरण की अन्तिम तिथि 15 अक्टूबर 2022*
यात्रा में जाने वाले अपना पंजीकरण शीघ्रातिशीघ्र करा लें, बाकी सूचना समयानुसार मिलती रहेंगी।
*यात्रा शुल्क 15 अक्टूबर तक ₹25000/- मात्र ।*

*पंजीकरण की अन्तिम तिथि 15 अक्टूबर के बाद 31 अक्टूबर तक ₹30000/-*
*10 वर्ष तक के बच्चों का शुल्क ₹15000/- (अलग से बैड नहीं मिलेगा)*

*31 अक्टूबर के बाद कोई पंजीकरण नहीं होगा l*
*नोट*-
यात्री शुल्क संबंधी किसी भी जानकारी के लिए *श्री दीपक शर्मा जी (कोषाध्यक्ष)* से संपर्क स्थापित कर सकते हैं l
सम्पर्क सूत्र- *7289880194*
*यात्रा सम्बंधित*
*यात्रा के पंजीकरण* हेतू *श्री रामकिशोर पसारी जी* (+919327000981)
*श्रीमती सुधा आचार्य*
*9460893878*
से सम्पर्क कर सकते हैँ l

*तवांग तीर्थ यात्रा में यात्री इन प्रमुख स्थानों के दर्शन का लाभ ले सकते हैं*:-

*1*.मां कामाख्या देवी मंदिर।

*2*- ब्रह्मपुत्र नदी के टापू पर विश्व का एकमात्र शंकर जी का मंदिर l

*3*. महादेव मंदिर।

*4*. भगवान श्री कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध जी का अग्नि गढ़ मंदिर।

*5*.अरुणाचल प्रदेश का प्रवेश द्वार “भालूकपौंग”।

*6*. पश्चिम कामेंग जिला का मुख्यालय “बोमडिला”, जिस पर 1962 के युद्ध में चीन ने कब्जा कर लिया था।

*7*. 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के दौरान चीनी सेना को 72 घंटे तक अकेले मात देने वाले वीर सैनिक जसवंत सिंह जी की स्मृति में बना “जसवंतगढ़”।

*8*. भारत-चीन युद्ध में हुए शहीदों का “शहीद स्मारक।

*9*. तिब्बत के छठे दलाई लामा जी के जन्म स्थल “तवांग” में बना हुआ विशाल “तवांग- मठ।

*10*. दलाई लामा जी के पद चिन्ह।

*11*. गुरु नानक देव जी की तपस्या स्थली भूमि पर बना “नानक लामा” ।

*12*. 1962 में हुए भारत चीन युद्ध के दौरान, गिनती के सैनिक, सीमित गोला बारूद और बिना राशन के चीनी सेना से मुकाबला करते हुए शहीद होने वाले जोगिंदर बाबा जी का मंदिर।

*13*. धरती पूजन स्थल।

सूर्य की सबसे पहली किरण भी इसी प्रदेश में आने के कारण इस प्रदेश को सूर्य की धरती भी कहते हैं।

धरती पर तवांग जिले में प्रकृति का ऐसा नजारा है जो देखते ही बनता है बल्कि मैं तो तवांग को भारत का स्विट्जरलैंड कहूं तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

*विशेष बात यह है कि यात्रा में पूरा समय संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं तवांग तीर्थ यात्रा समिति के संस्थापक/संरक्षक माननीय श्री इंद्रेश जी का मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ अधिकारियों का सानिध्य मिलेगा*।

*बुमला* भारत का अंतिम छोर है, इसके आगे तिब्बत शुरू हो जाता है, तिब्बत पर
अभी चीन का कब्जा है। “तवांग तीर्थ यात्रा समिति” द्वारा आयोजित तवांग तीर्थ यात्रा के दौरान भारत- तिब्बत सीमा पर हर वर्ष सभी तवांग तीर्थयात्री *धरती पूजन* करते हैं।

*?18 नवम्बर को गुवाहाटी पहुँच कर माता कामख्या देवी के दर्शन स्वयं से कर लेवें l*
*?होटल (रूम) की व्यवस्था 18 नवम्बर को दोपहर 12 बजे से रहेगी l*
*?यात्रा शुल्क केवल ऑनलाइन ट्रांसफर या चैक द्वारा ही मान्य होगा l नगद (cash) राशि मान्य नहीं होगी l*

*??यात्री अपना शुल्क निम्न खाते में जमा कर सकते हैं ??*

Ta
Twang Tirth yatra Samiti
PNB A/C No. 4235002100012444
IFSC: PUNB0423500,
MICR Code: 110024229
Punjab National Bank
Vivek Vihar, Phase-2, New Delhi

?? *आपका ही*
*पंकज गोयल* (यात्रा संयोजक)
*(तवांग तीर्थ यात्रा समीति)*
*??? *सम्पर्क सूत्र* ???

*श्री रामकिशोर पसारी*
(गुजरात, राजस्थान)
*9327000981*
*श्रीमती सुधा आचार्य*
(गुजरात, राजस्थान)
क्षेत्रीय सह संयोजिका
*9460893878*

*E-mail:-tawangtys@gmail.com-*
जो भी जाना चाहे संपर्क करें
श्रीमती सुधा आचार्य
राजस्थान गुजरात सह संयोजिका
9460893878

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