बीकानेर एसपी ऑफिस का एक सितारा बिचौलिया करता है एसपी को मिसगाइड किसी भी पीड़ित परिवादी को एसपी से सीधे मिलने की नहीं इजाजत,वन स्टार की परमिशन पर मिला जा सकता है,
बीकानेर एसपी ऑफिस का एक सितारा बिचौलिया करता है एसपी को मिसगाइड किसी भी पीड़ित परिवादी को एसपी से सीधे मिलने की नहीं इजाजत पहले इस बिचौलिए एक स्टार को करना पड़ता है कन्विंस
आईरा भवानी आचार्य बीकानेर बीकानेर के एसपी ऑफिस में एक ऐसा बिचौलिया किरदार है जिसके कंधे पर भले ही स्टार एक ही लगा हो लेकिन वह एसपी को बरगलाने में बड़ा माहिर है कि ये मुकदमा फर्जी है,ये मुकदमा गलत है या फलां मामला झूठा है।न जाने क्यों अच्छे पढ़ें लिखे और सख्त कंपीटिशन पास कर एस पी बने साहब एक स्टार वाले इस ओहदेधारी को झूठ सच कहने के लिए क्यों अपने यहां चिपकाए हुए हैं।कोई भी पीड़ित महिला पुरुष जब परिवाद ले कर एसपी के पास जाते हैं तो एसपी से पहले उनको इस एक सितारा से मिलना पड़ता है,इस महाशय को संतुष्ट करने के बाद यही पीड़ित को एसपी के पास ले कर जाता है और एसपी के सामने सरेआम घोषणा करता है कि यह मामला तो फर्जी है,यानी संबंधित सामने वाली पार्टी और संबंधित एसएचओ की भाषा बोलता है ये एक सितारा।यह समझ में नहीं आता कि पढ़ें लिखे समझदार एसपी ने इस एक सितारा को परिवादियों को पेश करने के लिए बिचौलिया क्यों बनाया हुआ है?एक पीड़िता न्याय पाने और जान की रक्षा करने के लिए एसपी से मिलने गई लेकिन एक सितारा के पास भेजा गया।एक सितारा ने उसे एसपी से मिलाया तो सही लेकिन घुसते ही निर्णय सुना दिया कि ये माला फर्जी है।अब ये इसे कौन समझाए कि कोई भी संभ्रांत औरत यूं ही एसपी से मिलने नहीं आती बहुत मजबूर होने पर ही आती है।इस सबसे बड़ी विडंबना यह है कि भारतीय पुलिस सेवा के काबिल और होनहार अधिकारी भी इस एक स्टार वाले तथाकथित बिचौलिए की बात मान कर परिवादी की पीड़ा नहीं सुनते और जाने अनजाने में दलालों बिचौलियों की मदद करते हैं।