Logo

मेहनती कार्य कर्ताओं का नाम नही आना बड़े अफसोस कि बात है,बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की जंबो कार्यकारिणी की शहरी क्षेत्र में कोतुहल वश चर्चा जिनके कंधों पर कांग्रेस पार्टी का भार, उनका नाम सूचि में नहीं।

आईरा ऑनलाइन बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की जंबो कार्यकारिणी की शहरी क्षेत्र में कोतुहल वश चर्चा जिनके कंधों पर कांग्रेस पार्टी का भार, उनका नाम सूचि में नहीं।एक साल के लम्बे इन्तजार के बाद आई बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की 67 नेताओं की लिस्ट में शहर के ऐसे बहुत सारे दिग्गज नेताओं के नाम ना आना पाटा गजट में चर्चा का विषय बना हुआ है।नवरत्न ब्यास उर्फ़ पप्पू पुलिस पिछले चार सालों में शहर विधायक बी डी कल्ला जी का राइट हैंड माना जाता रहा है, शहर के पुष्करणा एरिया को उसी ने संभाल रखा है, शहर में बीसियों मंदिरों और शहरी क्षेत्र में विधायक कोटे से करोड़ों रुपए लगाने में इसका विशेष योगदान रहा है !साजिद सुलेमानी विधायक महोदय के नाक के बाल रहे हैं , कहते हैं कि सन 2018 में जब बी डी कल्ला जी की टिकट कट गई थी उस वक्त इनकी ही जादूगरी काम आई थी । चुनाव में नॉमिनेशन से लेकर हर प्रोग्राम में साजिद का हमेशा अहम रोल और भूमिका रही है लेकिन इस जंबो कार्यकारिणी में साजिद को जगह नहीं दी गई, इसे शहर के मुस्लिम समाज में ठीक नहीं माना जा रहा है । कल्ला जी के परिवार में अनिल कल्ला, महेन्द्र कल्ला, त्रिलोकी कल्ला, कानू कल्ला आदि में से भी किसी को पद नहीं दिया गया है , जो शहरी क्षेत्र में चर्चित हो रहा है । गुलाम मुस्तफा उर्फ बाबू भाई कांग्रेस पार्टी के एक मज़बूत स्तम्भ है, इन्होंने सन 1998 में चुनाव भी लड़ा था , साढ़े सोलह हजार से ज्यादा वोट लिए थे ? एक बड़ा मुस्लिम राजनेतिक चेहरा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की इस जंबो कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई । हारून राठोड़ पूर्व उप महापौर, पूर्व उपाध्यक्ष 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति का नाम भी शामिल नहीं किया गया है ।शुशील थिरानी, कालू बड़ी वाला जिन्हें यू आई टी चैयरमैन का प्रबल दावेदार माना जाता था, उनको भी नहीं लिया गया है ।माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष डूंगर राम गैदर के कुम्हार समाज और कैश कला बोर्ड के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत के नाई समाज के कार्यकर्ताओं के नाम इस लिस्ट में नजर नहीं आ रहे हैं, इसी तरह मेघवाल समाज के किसी मुख्य नेता का नाम भी सामने नहीं आया है ? हो सकता है कोई भूल हो गई ही ? क्योंकि डोटासरा साहब के कन्धों पर समूचे राजस्थान का भार है, इन सबको पूरक लिस्ट में एडजस्ट किया जा सकता है।




इक़बाल समेजा “समाजसेवी” जिसे यू आई टी चैयरमैन का प्रबल दावेदार माना जाता रहा है, कल्ला परिवार का ख़ास समझा जाता है, इनका भी नाम नहीं है, जिसकी भी चर्चा है। सुभाष स्वामी जो कांग्रेस का मज़बूत स्तम्भ है, अभी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में 19 दिन तक राजस्थान की सीमा में प्रवेश से लेकर समाप्ति तक करीबन 600 किलो मीटर पैदल चलने वाले का नाम लिस्ट में नहीं है।

बात करे अल्पसख्यक नेताओ की तो आपको विधायक एमपी आदि नही सही लेकिन छोटे मोटे पद भी नही दिए। जबकि इन्ही नेताओ की वजह से कांग्रेस के विधायक जीतते आये, लेकिन यू इन्हें पद नही देना, (बड़े दुख की बात व भेदभाव नजर आरहा है। 


फोटो स्वागत माला खानु खान बुधवाली,


चिलपुरा से रहमत अली गौरी फुटबॉल खिलाड़ी, अहमद अली भाटी जिनके कंधों पर उस क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का भार रहता है, उनका नाम भी नहीं है।ऊमर दराज खान ऊर्फ यू डी, रशीद गोरी उर्फ बाबू जी मौहल्ला कस्साबान में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता हैं, इनको भी जगह नहीं दी गई है। कुदरत चौहान पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष, अनवर उस्ता, अनवर अजमेरी आदि जो कांग्रेस पार्टी को वोट दिलाने में मददगार रहते हैं, के नाम लिस्ट में नहीं है।


जब 27 सचिव बनाए गए हैं तो 30 उपाध्यक्ष और 30 ही महा मंत्री और भी तो बनाए जा सकते थे, जिनसे कांग्रेस पार्टी को मजबूती ही मिल सकती थी, कोई नुकसान तो था ही नहीं ? वैसे भी अध्यक्ष सहित 68 आदमी के लिए भी एक बड़े हॉल की ही जरूरत तो वैसे भी पड़ेगी ही। शहर में ऐसे बहुत सारे दिग्गज नेता और भी हैं जिनको इस लिस्ट से बाहर रखा गया है ।यशपाल गहलोत साहब को चाहिए कि एक सप्लीमेंट्री लिस्ट और जारी करवाने का प्रयास कर बाकि सभी मुख्य मुख्य नेताओं को भी ले लिया जाए ताकि कांग्रेस पार्टी को मजबूती प्रदान हो सके।शहर के पाटा गजट में एक चर्चा और जोरों से है कि कांग्रेस पार्टी में कोई बहुत बड़ा धमाका भी निकट भविष्य में हो सकता है ? पूर्व में मनफूल सिंह भादू और गोपाल जोशी ने भी धमाके किए हुए थे।
फकत सैय्यद महमूद
प्रधान संपादक
बीकानेर की आवाज़
बीकानेर ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.