पी, बी,एम, हॉस्पिटल प्रशासन को वास्तव में अगर अपने ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से बचना है तो लंबे समय से एक ही जगह लगे कर्मचारियों को तुरंत प्रभावों से यानि 48 घंटो के अंदर हटा देना चाहिए
पी, बी, एम, हॉस्पिटल प्रशासन को वास्तव में अगर अपने ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से बचना है तो लंबे समय से एक ही जगह लगे कर्मचारियों को तुरंत प्रभावों से यानि 48 घंटो के अंदर हटा देना चाहिए,
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आईरा समाचार बीकानेर टीम सावधान इण्डिया 077 के द्धारा संभागीय आयुक्त महोदय बीकानेर को एक आग्रह पर भेजकर आज आग्रह किया जाएगा की लंबे समय से पी, भी,एम, प्रशासन पर हर व्यस्थाओं के संचालनो में अनियमितता, भ्रष्टचार, आदी आदि के आरोप लगते चले आ रहे हैं हॉस्पिटल के महत्वपूर्ण स्थानों यानि ऑपरेशन थियेटरों, भंडारों, वार्डो, आदि आदि जगहों से हजारों नहीं लाखो रुपए के वो कीमती सामान चोरी हो गए हैं जो संभवतः एक दो या तीन चोर के संख्या में ऐसे भारी सामान आसानी से चोरी हो नहीं सकते ऐसे भारी, कीमती सामान की चोरी वहां के जानकारों की मदद या उक्त चोरी हुई सामानों की उपयोगिता को जानने वाले ही चोरों को उक्त कहा मिलेगा और किस काम का और कितनी कीमत का है उक्त प्रकार की जानकारी होने के बाद ही ऐसे सामानों की चोरी हुई है इसी संभावना से ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने आयुक्त महोदया को अवगत कराया गया साथ ही यह भी अफसोस जताया कि आज तक हुई इन चोरियों का कोइ पता नहीं चला सात ही सवाल यह भी है की उन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करना तो दूर संभवत प्रशासनिक कार्यवाही भी एक औपचारिकता के तहत कर दिए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता,, ठाकुर भदौरिया ने बताया की पी, बी, एम, अस्पताल सहीत उससे संबंधित अन्य सभी 15 से 20 विभिन विभिन्न स्थलों पर बने अस्पतालों में साथ ही 16 नंबर रूम के सामने के प्रमुख प्रांगण मै जरूरत से ज्यादा अनगिनत सांख्य वो संदिग्ध परिस्थितियों मै जो लोग अपने आप को स्वंयभूव समाज सेवी संस्था से जुड़े या खुद अपने आप को समाज सेवी बताते दिन रात चौबीसों घण्टे अस्पतालों के वार्डों, लेबोरेट्रियों, दवा वितरण केंद्रों सहित मुर्दा घर के आस पास अधिक तादात मै हर समय घूमते पाए जाते हैं कही वो डॉक्टरों, लेबोरेट्रियों, दवा विक्रेताओं एंबुलेंस वाहन चालकों के दलाल तो नहीं इन संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता अतः महोदय कृपया संभागीय आयुक्त कार्यालय और कुछ ऐसे ईमानदार पुलिस अफसर तथा तीन से चार समाज सेवी लोगों की एक गोपनीय टीम बना कर पी, भी, एम, अस्पताल और उससे संबंधित सभी अन्य अस्पतालों, सिटी स्कैन सेंटरों, एम, आर, आई, सेंटरों, एक्सरे सेंटरों, दवा वितरण केंद्रों, आदि आदि जगहों पर आपके संचालन में यानी आपकी देखरेख में बनाई गई एक सर्वेक्षण टीम गोपनीय तरीके से अचानक निडरता बेबाकी और ईमानदारी से निरीक्षण कर आपको वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करे, साथ ही भदोरिया ने आग्रह किया कि अस्पताल स्थित मुर्दा घर,, मोर्चरी,, के आगे हर समय खड़ी रहने वाली एंबुलेंस वाहनों की भी जांच कराई जावे क्योंकि शिकायतें मिल रही है कि वहां भी किसी भी दुर्घटना आदि घटने के बाद पोस्ट मार्टम हो जाने के बाद उस दुख की घड़ी में मृतकों के परिजन जब मुर्दे को वहां से उन एंबुलेंस आदि से संपर्क कर अपने अपने गंतव्य यानि गांव, सहर, या सीधे समशान भूमि तक ले जाते हैं तो उनसे निर्धारित दरों से सौ प्रतिषत तक अधिक राशि वसूली जाती है ज्ञात हुआ है कि केवल बीकानेर शहर में ही कही पांच से सात किलो मीटर तक भी किसी शब को ले जाया जाता है तो 500 से 700 तक तो अगर सही भी मान लिया जावे तो भी कोई बात नही मगर ये एंबुलेंस वाहन चालक केवल पांच सात किलो मीटर तक की दूरी के 1500से 2000रुपए तक वसूलते हैं यही नहीं गंतव्य स्थल पर पहुंच जाने के बाद गाड़ी धुलाई के नाम से भी 500 रुपए तक मांग लेते हैं क्योंकि उन वाहन चालकों को पता ही होता है कि ऐसे दुख भरे गमगीन माहौल में कोई भी निर्धारित दरों के बारे में कुछ सोचने की स्थिति में नहीं होता यह भी जांच का बिंदु है,, वही भदोरिया ने मांग की है की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जावे तथा लंबे समय से पूरे राजस्थान में केवल बीकानेर संभाग की सबसे बड़ी हमारी पी, भी, एम, अस्पताल ही क्यों बदनाम हो रहि है कि हर एक महीने में एक ही व्यक्ति के द्वारा बार बार तीन से चार पांच शिकायतें दर्ज क्यों कराई जा रही है क्या पूरे शहर में और भले इंसानों, भ्रष्टाचार विरोधी लोगों की कमी आ गई है या सभी डरपोक किस्म के लोग हैं जो शिकायत आदि करने से डरते हैं इस सबसे बड़े और गंभीर मामले की भी जांच हो की अमुख एक महान समाज सेवी है जो लगातार इस अस्पताल की कमियों को रोजाना उजागर कर रहा है उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है यहां भदौरिया ने आयुक्त महोदया को स्पस्ट तौर पर यह भी लिखते हुए आग्रह किया है कि जे सी भी शिकायत दर्ज कराता है या कर रहा है उस भले इंसान पर मै खुद ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया या मेरी पूरी टीम सावधान इण्डिया 077 के कार्यकर्ता किसी भी प्रकार का कोइ भी आरोप आदि नहीं लगाते हुए बस इस बात की मांग कर रहे हैं की एक या दो अथवा तीन ही सच्चे और ईमानदार, अच्छे ऐसे लोग किन परिस्थितियों, आधारों आदि के कारण आखिर क्यों शिकायत पर शिकायत दर्ज कराते चले आ रहे हैं मगर आज तक कोई भी जांच का खुलासा या कोई भी दोषी ठहराया नहीं गया ना ही जिन लोगों की शिकायत आदि की गई है इनको अन्य किसी जगह कभी स्थानांतरण तक भी नहीं किया गया यह भी एक कारण कई सवाल खड़े करता है अतः आदरणीय से है कि हमारे इस ज्ञापन पत्र की निष्पक्ष जांच कराई जावे, आभार।

