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बहुत खुशी हुई कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव की 85 नामों की लिस्ट में चार मुसलमानों का नाम आ गया,

पी सी सी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा को तहे दिल मुबारक बाद पेश करते हैं।
कहते हैं राष्ट्रीय कांग्रेस का निज़ाम बदल गया है, सोच बदल गया है, नज़रिया बदल गया है ? एक वक्त 24 अकबर रोड के कांग्रेस कार्यालय में हम देखा करते थे कि कांग्रेस कार्यालय के अलग अलग कमरों के बाहर बहुत सारे बड़े दिग्गज मुस्लिम नेताओं की नेम प्लेट देखने को मिल जाती थी, हम किसी से भी आसानी से मिल लिया करते थे, एक अजीब सा अपनापन का अहसास हुआ करता था कि यह हमारी अपनी पार्टी है, हमने सींचा है इसे  अहमद पटेल, सकील अहमद, तारिक अनवर, गुलाम नबी आजाद, मोहसिना किदवई, सलमान खुर्शीद, शाहिद सिद्दीकी, नजमा हेप्तुल्ला आदि बहुत सारे दिग्गज नेताओं की नेम प्लेट देखने को मिल जाया करती थी राजस्थान में भी कभी बरकतुल्लाह, नबाब लोहारू, दुर्रू मियां, अबरार अहमद, हमीदा बेगम, तैयब हुसैन चौधरी, अब्दुल हादी सरीखे कांग्रेस के दिग्गज नेता होते थे लेकिन धीरे धीरे इन नामों पर आरी चलना शुरू हो गया ? लोगों की जहनियत बदल गईं ? कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता सॉफ्ट हिन्दुत्व की बात करते दिखाई देने लगे  सन 1984 में राजीव गांधी देश के प्रधान मंत्री बने ? माना जा रहा है कि सन 1986 में कांग्रेस पार्टी भी सॉफ्ट हिन्दुत्व की राह पर चल निकली और नतीजा यह हुआ कि सन 1992 के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल का मुसलमान कांग्रेस से कोसों दूर चला गया सॉफ्ट हिन्दुत्व का प्रभाव 24 अकबर रोड पर भी होने लगा, धिरे धिरे ए आई सी सी के कमरों के बाहर लगी मुस्लिम नेताओं की नेम प्लेट गायब होनी शुरू हो गईअभी शायद दो नेताओं की नेम प्लेट देखने को मिल रही है, एक तारिक अनवर की और दूसरी नए नेता शायर ईमरान प्रतापगढ़ी की देखने को मिल रही है दो तीन मुस्लिम नामों की नेम प्लेट तो संभवतः भाजपा कार्यालय में भी मिल जाती है ? मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन आदि या और भी कई नेताओं का नाम मिल जाता है  पहले सिकन्दर बख्त का नाम भी मिल जाता था, एम जे अकबर, आरिफ़ मोहमद ख़ान आदि की भी नामों की प्लेट देखी जा सकती है लोग कहते हैं वक्त बदल गया है और मुसलमानों को वक्त के आधार पर अपने आपको भी ढाल लेना चाहिए ? राजस्थान में मुसलमानों ने सन 2018 में कांग्रेस पार्टी को शत प्रतिशत वोट दिए लेकिन यह माना गया कि मुसलमानों के पास कांग्रेस को वोट देने के अलावा विकल्प ही नहीं है  प्रदेश में दो ही राजनैतिक पार्टी हैं कांग्रेस और भाजपा ? हाल ही में कर्नाटक में चुनाव हुआ था वहां भाजपा के कई नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा था कि हमें मुस्लिम वोट की जरुरत ही नहीं है कांग्रेस पार्टी के नेताओं को यह जानकारी है कि राजस्थान में कोई तीसरी पार्टी नहीं है ऐसे में मुसलमान को हर हाल में कांग्रेस पार्टी को वोट देना होगा दिनांक 27 मई को पी सी सी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सचिव की 85 लोगों की एक जंबो लिस्ट जारी की जिसमें उन्होने केवल मात्र 4 मुसलमानों को सचिव बनाया। खाजूवाला से एक मकबूल खान बलौच को सदस्य बनाया गया ? चर्चा है कि मकबूल बलोच मंत्री गोविन्द राम चौहान के विश्वासपात्र हैं।राजनीति में अब यही क्राइटेरिया बन चुका है ? हर नेता अपने ही विश्वसनीय को पद पर लाना चाहता है ? इससे पहले गोविन्द सिंह डोटासरा ने बीकानेर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अपनी रिश्तेदार चेतना डोटासरा को बनाया ही था, हालांकि बीकानेर शहर के कांग्रेस विधायक डॉक्टर बी डी कल्ला हैं, वे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, सरकार में मंत्री भी हैं लेकिन डोटासरा ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया बीकानेर जिले के मुसलमानों ने सन 2018 में जिले की सातों सीटों पर कांग्रेस को ही वोट दिए, लेकिन मुसलमान को अब कांग्रेस पार्टी में मात्र वोट बैंक के रुप में देखा जा रहा है ? बीकानेर के मुसलमान पिछले तीन सालों में यू आई टी चैयरमैन की दौड़ में थे ? जिला कांग्रेस अध्यक्ष के लिए भी सपने देख रहे थे लेकिन कुछ नहीं मिला गोविन्द सिंह डोटासरा को बधाई दी जाती है कि उन्होंने 85 की लिस्ट में कम से कम 4 तो सचिव मुस्लिम जमात में से ले लिऐ वक्त का कोई भरोसा नहीं होता है , राजनीति का भी कोई भरोसा नहीं होता है, कल यदि प्रदेश में कोई तीसरा मोर्चा या पार्टी अस्तित्व में आ जाती है तो राजस्थान के हालात भी यू पी, बिहार और बंगाल जैसे बन सकते हैं इसका अंदाजा राजस्थान के कांग्रेस नेताओं को होना चाहिए  मुस्लिम समाज गोविन्द सिंह डोटासरा का शुक्रगुजार है, पूरा प्रयास रहेगा कि चुनाव में उनका कर्ज़ उतारा जाये
फकत बीकानेर की आवाज़ बीकानेर ।

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