बीकानेर नगर विकास न्यास के अध्यक्ष पद के लिए मुस्लिम समाज को ही एक नाम देने के पीछे क्या है सियासत मुस्लिम समाज में रोष वक्त आने पर दिया जायेगा करारा जवाब एन डी कादरी
आईरा वार्ता न्यूज नेटवर्क बीकानेर, आई के खान
बीकानेर- मुस्लिम महासभा के राष्ट्रीय सचिव एन डी क़ादरी के अनुसार सन् 1980 में बीकानेर शहर से बी डी कल्ला जी ने पहली मर्तबा कांग्रेस से टिकट की दावेदारी पेश की थी । उस समय पुष्करणा समाज से गोपाल जोशी, गोकुल प्रसाद पुरोहित , उमेश आचार्य भी टिकट की दौड़ में थे । बीकानेर के मोहम्मद उस्मान आरिफ़ साहब टिकट देने वालों में शामिल थे । बहुतायत के पुष्करणा समाज के लोग गोपाल जोशी और गोकुल प्रसाद पुरोहित के साथ थे । जबकि कल्ला जी से पूछा गया था कि आपके गारंटर कोन है। कल्ला जी का कहना था मुझे यहां कोई नहीं जानता सिवाय मोहम्मद उस्मान आरिफ साहब के और मेरे गारंटर आरीफ साहब है। इस बात की पुष्टि कल्ला साहब ने स्वयं जिला कांग्रेस कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान संबोधन में भी की है। टिकट कल्ला जी को दी गई । किसी ने यह नहीं कहा कि पुष्करणा समाज से एक नाम दिया जायेगा । तभी कांग्रेस से कल्ला जी को टिकट दी जाएगी ।
हाल ही में केस कला बोर्ड, माटी कला बोर्ड, भूदान बोर्ड, अम्बेडकर नाम की संस्था, किसान आयोग आदि पचासों पदों पर राजस्थान सरकार ने राजनैतिक नियुक्तियों की है । क्या किसी को भी ऐसा कहा गया कि समाज से एक नाम दिया जाए ।
पूगल में गौरव चौहान को प्रधान बनाया गया, डूंगरगढ़ में मंगला राम की पुत्रवधू को प्रधान बनाया गया ! क्या उनके समाज ने उनके नाम एक होकर तय किए ।
बीकानेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के लिऐ कल्ला साहब ने अपने भतीजे अनिल कल्ला का नाम दिया और पूरा प्रयास भी किया । क्या समूचे पुष्करणा समाज ने उनका नाम दिया था ।
यशपाल गहलोत को बीकानेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया । क्या सम्पूर्ण माली समाज ने एक होकर इनका नाम दिया था । दिनांक दो अप्रैल को एक मीटिंग में मुस्लिम समाज से कांग्रेस नेता ने मंत्री जी के समझ कहा था कि हमें यूआईटी अध्यक्ष पद दिलवाने में सहयोग करें । जबाव में बीकानेर के विधायक एवं मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला जी ने मुसलमानों से स्पष्ट कहा कि “सब मुसलमान एक होकर यूआईटी अध्यक्ष के लिए एक नाम पर सहमति दे दे । तो उस पर विचार किया जा सकता है। और उसकी पैरवी की जा सकती है !”ना नौ मन तेल होगा,ना राधा नाचेंगी ।”लेकिन यह सच है कि बीकानेर जिले के सभी मुसलमानों ने एक होकर सभी सातों जगह कांग्रेस को वोट दिया । बीकानेर शहर से बी डी कल्ला, कोलायत से भंवर सिंह भाटी, खाजूवाला से गोविंद राम मेघवाल को विधायक अवश्य बना दिया, और फिर ये तीनों मंत्री भी बन गए हैं ।कोरोना काॅल के समय दो साल पहले क्या बीकानेर के मुसलमान एक होकर आए थे कि केवल उनके क्षेत्र में कर्फ़्यू लगा दिया जाए ?बीकानेर के मुसलमान इस राजनीति को देख रहे हैं। और भली भांति समझ भी रहे हैं । राजस्थान में आप पार्टी की सहित अन्य के आहट का अंदाज़ा भी लगाया जा रहा है ।
कहते हैं कि आप पार्टी भाजपा की बी टीम है । क्या कांग्रेस में तो हमारे साथ न्याय किया जा रहा है ।
सब याद रखा जाएगा ! सही वक्त आने पर करारा जवाब भी दिया जाएगा ।

