बीकानेर जिले के मुस्लिम समाज को भाजपा के नेता सिद्धी कुमारी, बिहारी बिश्नोई और सुमित गोदारा से कितना नुकसान पहुंचा।
बीकानेर जिले के मुस्लिम समाज को भाजपा के नेता सिद्धी कुमारी, बिहारी बिश्नोई और सुमित गोदारा से कितना नुकसान पहुंचा।
आईरा समाचार बीकानेर,बीकानेर जिले के कांग्रेस के तीनों नेताओं की बेतहाशा मेहरबानियां मुस्लिम समाज को हमेशा याद रहेंगी ।सन 2018 के विधानसभा चुनाव में सात में से तीन विधायक कांग्रेस पार्टी के विजयी हुए, बीकानेर पश्चिम क्षेत्र से बी डी कल्ला जी 6,000 से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए , कोलायत क्षेत्र से भंवर सिंह भाटी दस हजार से अधिक वोट से चुनाव जीत गए और खाजूवाला क्षेत्र से गोविन्द राम चौहान 31,000 से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए ? मुस्लिम समाज के युवा अब्दुल्ला लड़कों ने चुनाव का सारा भार अपने ही कन्धों पर उठाकर बेगानी शादियों में ख़ूब जमकर नाच किया और तीनों रहनुमाओं को खूब शक्तिशाली बना दिया । दूसरी ओर लूणकरणसर क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी वीरेन्द्र बेनीवाल को मुस्लिम समाज ने अपना ही चुनाव मान कर शत प्रतिशत वोट दिए लेकिन वे हार गए ? भाजपा के सुमित गोदारा चुनाव जीत गए लेकिन बहुतायत के मुस्लिम समाज ने उनसे परहेज़ रखा ? बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम समाज के अधिकतर वोटर्स ने कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया लाल झवर को शत प्रतिशत वोट दिए और भाजपा की नेता सिद्धि कुमारी को गिनती के वोट दिए, लेकिन भाजपा की सिद्धि कुमारी चुनाव जीत गई ? नोखा में हालांकि मुस्लिम समाज के वोट कम हैं लेकिन जितने भी हैं, उनमें बहुतायत में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रामेश्वर डूडी को वोट दिए गए और भाजपा के बिहारी बिश्नोई से परहेज़ रखने का प्रयास किया गया, लेकिन डूडी हार गए और बिहारी बिश्नोई चुनाव जीत गए ।बीकानेर जिले की सातों सीटों में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग एक आंकलन कर रहे हैं कि कांग्रेस के नेताओं ने उनको क्या क्या दे दिया ? और भाजपा के तीनों नेताओं से मुस्लिम समाज को कितना नुकसान भुगतना पड़ गया ।क़िस्मत से कांग्रेस पार्टी के जीते हुए तीनों विधायक शक्तिशाली मंत्री भी बन गए ।बीकानेर शहर के मुसलमान इस उम्मीद से थे कि बीकानेर यू आई टी चैयरमैन पद तो किसी मुस्लिम नेता को अवश्य बनाया जायेगा, कल्ला जी और कन्हैया लाल जी अपनी पूरी कौशिश करेगें ? लेकिन कोई प्रयास नहीं हुआ।यू आई टी चैयरमैन किसी को भी नहीं बनाया गया ।नगर निगम बीकानेर में नेता प्रतिपक्ष भी डोटासरा ने अपने रिश्तेदार को बना दिया ।बीकानेर जिले के किसी मुसलमान को राज्य के किसी बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बनाया गया ? जिले का अब्दुल्ला देखता रहा ? अब्दुल्ला कांग्रेस के अलावा कहां जा सकता है ।जबकि नाई समाज के महेन्द्र गहलोत को केश कला बोर्ड का अध्यक्ष, लक्षमण कड़वासरा को भूदान बोर्ड चैयरमेन, मदन गोपाल मेघवाल को अंबेडकर फाउंडेशन का अध्यक्ष, डूंगर राम गैदर को माटी कला बोर्ड का अध्यक्ष और रामेश्वर डूडी को किसान आयोग का अध्यक्ष बनाया गया ?
वाह ! क्या न्याय है ।
भंवर सिंह भाटी को कोलायत के मुस्लिम समाज ने दो मर्तबा विधायक बनाया , लेकिन क्या आज तक भंवर सिंह भाटी ने किसी भी मुसलमान को कोई पद दिलाने की वकालत की ।गोविन्द राम चौहान ने पूगल प्रधान अपने पुत्र गौरव चौहान को बनाया, जिला परिषद् सदस्य अपनी पुत्री और अपनी पत्नी को बनाया, पी सी सी सदस्य अपनी पुत्री को बनाया, भूदान बोर्ड का सदस्य अपनी पुत्री को बनाया और ख़ुद ए आई सी सी सदस्य भी बन गए ।
अब खाजूवाला और छतरगढ़ एरिया को अनूपगढ़ जिले में शामिल किया जा रहा है, जबकी पूगल को बीकानेर जिले में रखा जा रहा है , क्या इसे इंसाफ़ कहा जायेगा ।
अब भाजपा नेताओं के पिछले आचरण को देखें तो इन लोगों ने क्या मुस्लिम समाज को कोई नुकसान पहुंचाया ? बीकानेर पश्चिम क्षेत्र से सन 2008 और 2013 के चुनाव में भाजपा से गोपाल जोशी विधायक बने, जहां तक हमें जानकारी है उन्होंने किसी भी मुसलमान को तंग या परेशान नहीं किया, किसी सरकारी कर्मचारी का ट्रान्सफर करवा कर बाहर नहीं किया, अलबत्ता उन्होंने कई मदरसों को विधायक कोटे से पैसा भी दिया ।कोरोना के वक्त ये कांग्रेस के नेता कहां थे ? जब मुस्लिम एरिया में कर्फ्यू लगाया गया था तो क्या इन तीनों में से किसी ने भी उस कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र को संभालने का प्रयास किया
क्या इन तीनों नेताओं के घरों के आस पास भी कर्फ्यू लगा क्या कांग्रेस के मंत्री समझ कोरोना इनके पास नहीं जा सकता था ।
कर्फ्यूग्रस्त मुस्लिम इलाकों में बच्चे दूध के लिए बिलख रहे थे, गुजरों के दूध को कोरोना फैलाने वाला बताया जा रहा था ? ये कांग्रेस पार्टी के नेता क्या मुस्लिम समाज की सुध बुध लेने कभी आए ? क्या इनका कोई फर्ज़ नहीं था ?
दूसरी ओर भाजपा के महावीर रांका ने बीकानेर पश्चिम और पूर्व क्षेत्र के मुस्लिम समाज की ऐतिहासिक मदद की थी ? लोगों के घरों में राशन पहुंचाया, जरूरतमंद को भोजन के पैकेट्स दिए , क्या मुसलमान उस वक्त को कभी भूल पायेगा ।
सिद्धि कुमारी ने रिडमलसर गांव और कई मुस्लिम एरिया में अपने विधायक कोटे से करोड़ों रुपए खर्च किए ? लेकिन मुस्लिम समाज ने फिर भी उनको गिनती के वोट ही दिए ? क्या इसे जायज़ करार दिया जायेगा ?
खाजूवाला क्षेत्र से सन 2008 और 2013 में भाजपा के डॉक्टर विश्वनाथ मेघवाल विधायक बने, वे संसदीय सचिव भी बने, मुस्लिम समाज ने उनको वोट भी नहीं दिए थे, फिर भी क्या उन्होंने मुस्लिम समाज के किसी भी शख्स को कोई नुकसान पहुंचाया ।क्या बिहारी बिश्नोई या सुमित गोदारा ने पूरे चार साल मुस्लिम समाज के किसी भी व्यक्ति को कोई हानि पहुंचाई ।
अर्जुन राम मेघवाल सन 2009 से लगातार तीसरी दफा सांसद हैं, केन्द्र में मंत्री भी हैं, क्या उन्होंने किसी मुसलमान को परेशान किया ।
बीकानेर जिले के सातों सीटों के मुसलमानों को कांग्रेस के नेताओं और भाजपा के नेताओं के आचरण की इस सच्चाई पर गम्भीरता से विचार किया जा रहा है ।
फकत बीकानेर की आवाज़ बीकानेर ।