युट्यूबर मनीषिया पर मजदूरों को भड़काने का मामला दर्ज,पुलिस से फरार
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आईरा समाचार बिहार के मजदूरों के साथ तमिलनाडु में हो रही हिंसा की खबर आग की तरह फैली इस खबर ने ऐसा हंगामा हुआ मचाया कि बिहार की सियासत का तापमान बढ़ गया.
नीतीश कुमार इस पूरे मामले में एक्शन में आये तो वही तमिलनाडु की सरकार और पुलिस भी इस पूरे मामले को लेकर कहती रही कि बिहार के मजदूर पूरी तरह उनके राज्य में सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है.आपको बता दें कि इस मामले में मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है. अब पुलिस इस मामले में मनीष को तलाश कर रही है. पुलिस की मानें तो इस मामले में मनीष कश्यप ने भी वीडियो डालकर अफवाह फैलाया है. इस मामले में तमिलनाडु में 11 लोगों के खिलाफ अफवाह फैलाने को लेकर मामला दर्ज हुआ है और तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.
मनीषिया युट्यूबर कट्टर सोच रखता है। इसी वजह से युट्युब पर अच्छे पैसे कमा रहा है।
बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ भी पुलिस एक्शन मोड में है. मनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी तिवारी है. जो बिहार के पश्चिम चंपारण के डुमरी महनवा गांव का निवासी है और ‘सच तक न्यूज’ के नाम से यूट्यूब पर एक यूट्यूब चैनल चलाता है. वह 2020 में चनपटिया विधानसभा से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुका है. मनीष या कश्यप को मुस्लिम विरोधी ट्वीट की वजह से खासी पहचान मिली हुई है. सोशल मीडिया पर इनके फ़लोवर्स की संख्या बहुत बड़ी है. मनीष भारत को हिंदूओं का देश कहता रहा है. उसके खिलाफ मूर्ति तोड़ने के लिए लोगों को उकसाने का भी मामला दर्ज है. उस मामले में भी मनीष कश्य को हिरासत में लिया गया था. बिहार में पुलवामा हमले के बाद कश्मीरी दुकानदारों पर राजधानी में हमला हुआ था जिसमें मनीष कश्यप का भी नाम शामिल था और इस मामले में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी भी हुई थी. बता दें कि मनीष कश्यप पर पहले से 7 मामले दर्ज हैं.

