क्या भाजपा में समर्पित मुस्लिम नेताओं की कोई जगह बची है।बीकानेर में चर्चा रहती है कि जब मुमताज भाटी जैसा समर्पित चेहरा उपेक्षित है,
आईरा समाचार बीकानेर क्या भाजपा में समर्पित मुस्लिम नेताओं की कोई जगह बची है।पहले भाजपा ने मुख्तार अब्बास नकवी, शाहनवाज हुसैन और मुमताज अली भाटी जैसे समर्पित मुस्लिम नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी थीं, लेकिन अब सभी को लगभग दरकिनार कर दिया गया है। “नदी किनारे बैठे हैं, कभी तो लहर आएगी…” इसी उम्मीद में ये चेहरे भाजपा मंच पर नजर नहीं आते। सन 2014 से केंद्र में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी सरकार की अदला-बदली जारी है। इस बार पहली बार विधायक बने भजन लाल शर्मा मुख्यमंत्री बने, मगर भाजपा में कोई बड़ा मुस्लिम चेहरा नजर नहीं आता।कभी सिकंदर बख्त भाजपा का दमदार चेहरा थे, बाद में मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया, लेकिन आज यह सभी साइडलाइन हैं। राजस्थान भाजपा में मुमताज अली भाटी सदैव सबसे समर्पित और कर्मठ मुस्लिम नेता के तौर पर जाने जाते हैंः कॉलेज से ही जनसंघ और विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बने और बीकानेर बार एसोसिएशन के भी लोकप्रिय अध्यक्ष रहे। भैरों सिंह शेखावत उन्हें पुत्रवत मानते थे, फिर भी आज तक सरकार में बड़ा संवैधानिक पद नही मिल सका।
राजस्थान की भाजपा सरकार ने अमीन पठान को हज कमेटी, हिदायत खान व मेहरूनिसा को मदरसा बोर्ड और सलावत खान को वक्फ बोर्ड का चेयरमैन बनाया, मगर इनमें से कई नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।
बीकानेर में चर्चा रहती है कि जब मुमताज भाटी जैसा समर्पित चेहरा उपेक्षित है, तो बाकी मुस्लिम समाज भाजपा में कैसे विश्वास करेगा।केंद्रीय स्तर पर आरिफ मोहम्मद खान को राज्यपाल और एमजे अकबर को मंत्री बनाया गया, मगर एमजे अकबर पर गंभीर आरोप लगे तो उन्हें पद छोड़ना पड़ा।असल सवाल यही है—क्या वाकई भाजपा में अब मुस्लिम नेताओं के लिए जगह बची है? और जब समर्पित नेता बार-बार दरकिनार किए जाएंगे तो नया मुस्लिम नेतृत्व कैसे खड़ा होगा?

