विकास अधिकारी साजिया तबस्सुम वैसे तो सदा ही विवादित अधिकारी रही हैं लेकिन हाल ही में राजेरां में की गई बुल्डोजर कार्यवाही के बाद वह खासी चर्चा में
संघ, संगठन, सरकार सब पर भारी मंत्री गोदारा
आईरा समाचार बीकानेर पंचायत समिति की विकास अधिकारी साजिया तबस्सुम वैसे तो सदा ही विवादित अधिकारी रही हैं लेकिन हाल ही में राजेरां में की गई बुल्डोजर कार्यवाही के बाद वह खासी चर्चा में है। राजेरा के पट्टेशुदा मकानों दिवारों व शौचालयों को ग़ैरक़ानूनी व अवैध तरीके से तोड़ने व मनमानी करने के अंदेशे से ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल एवं स्थानीय विधायक मंत्री सुमित गोदारा को हालांकि पहले ही अवगत करवा दिया था लेकिन फिर भी सैकड़ों निर्माण ध्वस्त हो ही गए।बिना किसी वैध कारवाही के हुई इस मनमानी की शिकायत जिला प्रशासन, जन प्रतिनिधियों से होते हुए यह भाजपा संगठन और सरकार तक जा पहुंची। जानकारी में यह भी आया है कि संघ कार्यालय बीकानेर से जयपुर तक भी यह मुद्दा ध्यान में आ चुका था। सड़क की आड़ में बड़े पैमाने पर हुई आर्थिक मानसिक क्षति को विद्वेषपूर्ण कारवाही बताते हुए ग्रामीणों ने जगह जगह दुखड़ा रोया और इसी का परिणाम रहा कि पार्टी संगठन के डेढ़ दर्जन पदाधिकारियों सहित जिले के तीन विधायकों ने भी साजिया को हटाने की शिकायत उचित स्तर तक की है। सरकार के पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने इस सबके मध्यनजर विकास अधिकारी साजिया तबस्सुम का तबादला धौलपुर कर भी दिया था लेकिन बड़े दबाव के चलते किया गया तबादला रातों रात खारिज तक करवा लिया गया।जानकारी अनुसार केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को यह सब रास नहीं आया ओर अपनी ताकत का इस्तेमाल, साजिया तबस्सुम बीकानेर रखकर दिखाया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जिस पंचायत समिति का यह मामला है उसके क्षेत्राधिकार में जिले के दो अन्य विधायकों का भी आधे से ज्यादा क्षेत्र शामिल है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। केबिनेट मंत्री खेमे ने सोशल मीडिया पर भी अपनी ताकत को जाहिर करते हुए जश्न तक भी मनाया है। कुछ अति उत्साही कार्यकर्ताओं ने साजिया तबस्सुम के रद्द हुए तबादले को फिर से ताजपोशी के पोस्ट कमेंट कर कटाक्ष तक किया है। सब पर भारी पड़े मंत्री की इस ताकत के बाद केबिनेट मंत्री को उप मुख्यमंत्री बनने तक के कयास लगने लगे है। पार्टी में सनातन संस्कृति के पैरोकारों को यह सब नागवार गुजरा तो सोशल मीडिया की पोस्टों व कमेंटस के स्क्रीन शॉट आलाकमान तक पहुंचाये है । इधर मंत्री खेमे में उत्साह है उधर विधायक संगठन व संघ खफा है । इसी मुद्दे के चलते संगठन में मण्डल अध्यक्ष चुनाव में गड़बड़ी व ज़िलाध्यक्ष चुनाव को लेकर राजनीति उफान पर है। कल ही पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने भी अपना आक्रोश जताया है।

