बीकानेर संसदीय सीट पर मेघवाल वर्सेज मेघवाल के बीच होगी चुनावी जंग
बीकानेर संसदीय सीट पर मेघवाल वर्सेज मेघवाल के बीच होगी चुनावी जंग
आईरा समाचार बीकानेर बीकानेर। लोकसभा चुनावों में इस बार बीकानेर संसदीय सीट पर मेघवाल वर्सेज मेघवाल के बीच मुकाबला होगा। दरअसल भाजपा ने इस सीट से चौथी बार चुनावी मैदान में उतारा है,वहीं कांग्रेस ने उनको टक्कर देने के लिये पूर्व केबिनेट मंत्री गोविन्दराम पर दाव खेला है। ये पहला अवसर होगा जब दोनों नेता आमने-सामने होंगे। इससे पहले कई बार गोविंदराम केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को चुनौती दे चुके हैं। कांग्रेस की ओर से मंगलवार की शाम गोविन्दराम के टिकट की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने राजस्थान की दस लोकसभा सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें सबसे पहले बीकानेर सीट के लिए गोविंदराम मेघवाल का नाम आया है। इस टिकट के लिए जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल और पिछली बार उम्मीदवार रहे मदनगोपाल मेघवाल का नाम चल रहा था। मोडाराम मेघवाल का नाम रामेश्वर डूडी समर्थकों ने आगे बढ़ाया था लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी है । जानकारी में रहे कि छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय गोविंदराम मेघवाल पहले भाजपा में थे। वे नोखा से चुनाव जीतने के बाद वसुंधरा राजे सरकार में संसदीय सचिव भी रहे। इसके बाद कांग्रेस में आकर खाजूवाला से चुनाव लड़े। उन्होंने पिछले चुनाव में डॉ. विश्वनाथ को हराकर जीत दर्ज की थी। तब अशोक गहलोत सरकार में केबिनेट मंत्री बनाया गया। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में डॉ. विश्वनाथ मेघवाल से ही वापस हार गए। गहलोत सरकार में केबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल पर पिछले पंचायत चुनाव में परिवारवाद का आरोप लगा था। दरअसल, उनका बेटा गौरव चौहान पूगल पंचायत समिति में प्रधान है, जबकि बेटी सरीता चौहान जिला परिषद की सदस्य है। पत्नी आशा देवी भी जिला परिषद् सदस्य है। आशादेवी ने ही अर्जुनराम मेघवाल के बेटे रविशेखर मेघवाल को हराया था।